शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलईरवार, विकासखंड डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव में विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तुमडीबोड टीआई सर धनीराम नारंगे एवं अन्य अतिथि गण मिथुन वर्मा कांस्टेबल , चंद्रशेखर यादव कांस्टेबल एवं विद्यालय के प्राचार्य महोदय एवं समस्त स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति में समस्त छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर बुलिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को समझाया गया कि वे अपने OTP, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा इंटरनेट का उपयोग सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ करें। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में अभिभावकों एवं संबंधित अधिकारियों को सूचित करने तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। साथ ही थंगेश्वर कुमार साहू व्याख्याता द्वारा
विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” जागरूकता
पर विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित आवागमन, यातायात संकेतों के पालन, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने और सड़क पार करते समय सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन की रक्षा करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और समाज के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि सड़क पर सावधानी ही जीवन की सुरक्षा है। हम सभी यातायात नियमों का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन थंगेश्वर कुमार साहू, व्याख्याता के द्वारा किया गया।
