नवरात्रि में सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर के समीप तेंदुए का दीदार, रोमांचित हुए बस यात्री
साल्हेवारा। वनांचल साल्हेवारा अपने घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां यदा-कदा अलग-अलग प्रजातियों के वन्यजीवों से इंसानों का सामना हो ही जाता है। इसी कड़ी में बीती रात साल्हेवारा की बंजारी घाटी में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना से क्षेत्र में कौतूहल का माहौल बन गया। राजनांदगांव से बकरकट्टा जा रही यात्री बस में सवार यात्रियों ने जंगल के बीच इस वन्यजीव को देखकर रोमांचक अनुभव किया और अंधेरी रात में तस्वीरें व वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकरकट्टा निवासी गोविंद लाल पटेल लोधी ट्रेवल्स में परिचालक के रूप में कार्यरत हैं। वे बीती रात राजनांदगांव से यात्रियों को लेकर बकरकट्टा जा रहे थे। रात्रि लगभग 8:20 बजे जब बस साल्हेवारा के समीप स्थित सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर के आसपास जंगल की घाटी से गुजर रही थी, तभी सड़क किनारे एक वन्यजीव दिखाई दिया। यात्रियों का ध्यान उस ओर गया तो कौतूहलवश बस रोककर देखा गया। इस दौरान तेंदुआ दिखाई देने की बात सामने आई। अचानक हुए इस दीदार से बस में सवार यात्री रोमांचित हो उठे और उन्होंने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
परिचालक गोविंद लाल पटेल ने इस घटना की तस्वीरें एवं वीडियो साल्हेवारा के संवाददाता दिलीप शुक्ला के मोबाइल पर भेजकर अपने अनुभव की जानकारी दी। घने जंगल, अंधेरी रात और सड़क किनारे वन्यजीव की मौजूदगी ने यात्रियों के सफर को यादगार बना दिया।
नवरात्रि में मां बंजारी के समीप वन्यजीव का दीदार, आस्था और रोमांच का संगम
नवरात्रि के पावन अवसर पर सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर के समीप तेंदुआ दिखाई देने की खबर को कुछ लोग माता के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। यात्रियों के लिए यह दृश्य अप्रत्याशित और रोमांचकारी रहा। माता के दरबार के आसपास इस तरह के वन्यजीव का दीदार होने से वे स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। हालांकि, तेंदुए की पहचान की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग द्वारा किया जाना आवश्यक है।
वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है साल्हेवारा का वनांचल
साल्हेवारा और आसपास का वन क्षेत्र विविध वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। जंगलों के आसपास वन्यजीवों का दिखाई देना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। वहीं, गर्मी के मौसम में महुआ संग्रहण के दौरान ग्रामीणों का जंगलों में आना-जाना बढ़ जाता है। इस दौरान भालुओं सहित अन्य वन्यजीवों से आमना-सामना होने और लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी जहां प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का विषय है, वहीं मानव सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता भी जरूरी है। जंगल के रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को वन्यजीव दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। उनके नजदीक जाने, पीछा करने या उन्हें परेशान करने से बचना चाहिए तथा ऐसी सूचना वन विभाग को देनी चाहिए।
वनांचल की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व बनाए रखना समय की आवश्यकता है। बंजारी घाटी में रात के समय तेंदुआ दिखाई देने की इस घटना ने एक बार फिर साल्हेवारा के वन्यजीव संसार को चर्चा में ला दिया है।
संवाददाता — दिलीप शुक्ला
साल्हेवारा
