(पितरों की सद्गति एवं शांति के लिए श्रद्धापूर्वक किया श्राद्धकर्म, भंडारे का भी हुआ आयोजन)
राजनांदगाँव। पितरों की सद्गति एवं शांति की कामना से श्री योग वेदांत सेवा समिति के तत्वावधान में मोहारा बायपास रोड स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में 10 अक्टूबर को सामूहिक श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में लगभग 150 श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक अपने पितरों के निमित्त श्राद्धकर्म किया। कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं ने पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी शांति एवं सद्गति की कामना की।संस्था के प्रमुख रोहित चंद्राकर, टीके चंद्राकर एवं महेश रायचा ने बताया कि श्राद्ध कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे से हुआ। निर्धारित विधि-विधान के अनुसार श्राद्धकर्म संपन्न कराया गया। दोपहर में कुतुप काल के दौरान श्राद्धकर्म पूर्ण होने के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
ऋषिऋण, पितृऋण एवं देवऋण से मुक्ति का साधन है श्राद्धकर्म शास्त्रों में श्राद्धकर्म को ऋषिऋण, पितृऋण एवं देवऋण से मुक्ति का एक महत्वपूर्ण साधन बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक श्राद्ध एवं तर्पण करने से उनकी सद्गति और शांति की कामना की जाती है। श्राद्धकर्म से आयु, यश, कीर्ति, बुद्धि, सुख-संपदा एवं पुण्य की प्राप्ति होने की भी मान्यता है। पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
पूज्य बापूजी का आत्मसाक्षात्कार दिवस 12 अक्टूबर को संस्था के लेखराम साहू, टहलूराम साहू, प्रवीण चक्रधारी एवं संजय साहू ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य संत श्री आशारामजी बापू का आत्मसाक्षात्कार दिवस 12 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे से मोहारा आश्रम में मनाया जाएगा।
इस अवसर पर गुरुदेव की पादुका पूजन, मानस पूजन, भजन-कीर्तन एवं भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्था की ओर से श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।
