खैरागढ़ -छुईखदान -गंडई
आज दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलबंधा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में सेक्टर स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य केंद्रवार गर्भवती महिलाओं के एएनसी (ANC) पंजीयन, प्रथम तिमाही में पंजीयन, चार अथवा उससे अधिक एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव तथा टीबी नोटिफिकेशन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही कुष्ठ रोगियों एवं नए कुष्ठ रोगियों की पहचान, आरसीएच 2.0, यू-विन पंजीयन, नियमित टीकाकरण, एचएमआईएस रिपोर्टिंग, एचपीवी टीकाकरण तथा विभिन्न पोर्टलों पर ऑनलाइन प्रविष्टियों की स्थिति की जानकारी ली गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुक्ला ने कम एएनसी पंजीयन वाले स्वास्थ्य संस्थानों से निर्धारित लक्ष्य प्राप्त नहीं होने के कारणों की जानकारी लेते हुए पंजीयन में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को घर-घर भ्रमण कर टीबी एवं कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान करने, संदिग्ध मरीजों को जांच एवं उपचार हेतु स्वास्थ्य संस्थानों तक लाने तथा संबंधित पोर्टलों पर समयबद्ध ऑनलाइन प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग पर बल दिया।
बैठक में उपस्थित मितानिन प्रशिक्षक को मितानिनों की बैठक आयोजित कर विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करने तथा मैदानी स्तर पर कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को सभी अधीनस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित भ्रमण करने एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सोनल ध्रुव, डॉ. मोहम्मद असलम, सेक्टर सुपरवाइजर, एलएचवी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) तथा ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO) महिला एवं पुरुष सहित संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना रहा।
