डोंगरगांव। कुमरदा से डोंगरगांव तक मेन रोड पर इन दिनों राहगीरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़क पर बिछाई गई गिट्टी दब नहीं पाने के कारण जगह-जगह उखड़ने लगी है। रोड रोलर नहीं चलने का खामियाजा अब राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
जैसे ही कोई वाहन सड़क से गुजरता है, उखड़ी हुई गिट्टी के साथ धूल का गुबार हवा में उड़ने लगता है। दोपहिया वाहन चालक धूल के बीच आंखें बचाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। वहीं तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर गिट्टियां छिटकने से राहगीरों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
सड़क बनी धूल और गिट्टी का खेल
सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण या मरम्मत का काम किया जा रहा है, तो गिट्टी को मजबूत तरीके से दबाने के लिए रोड रोलर क्यों नहीं चलाया जा रहा? क्या जिम्मेदारों को सड़क की यह हालत नजर नहीं आ रही, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
कुमरदा से डोंगरगांव तक रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर उखड़ी गिट्टी और उड़ती धूल वाहन चालकों की परेशानी के साथ दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
जिम्मेदार कब जागेंगे?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को जल्द व्यवस्थित नहीं किया गया तो स्थिति और खराब हो सकती है। लोगों ने मांग की है कि तत्काल रोड रोलर चलाकर गिट्टी को दबाया जाए, सड़क की उखड़ी सतह को दुरुस्त किया जाए और धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाए।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग लोगों की परेशानी को गंभीरता से लेकर सड़क सुधारता है या फिर धूल के गुबार और उखड़ी गिट्टी के बीच राहगीरों का सफर यूं ही जारी रहता है।?
