
राजनांदगांव:- अखिल भारतीय वैष्णव सेवा संघ एवं अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ ने जगदगुरू स्वामी रामानन्दाचार्य जी जन्मोत्सव बाला बाबा मंदिर सोनार पारा राजनांदगांव में १० जनवरी २०२६ को धूमधाम से मनाया। सर्वप्रथम स्वामी रामानन्दाचार्य जी के तैलचित्र पर लाल जे.के.वैष्णव ने माल्र्यापण,दीपप्रज्वलन पूजा, आरती, भोग लगाने के पश्चात् महिला रामायण मंडली का रामायण पाठ का आयोजन सपंन्न हुआ। अखिल भारतीय वैष्णव सेवा संघ मुम्बंई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे के वैष्णव ने जगदगुरू स्वामी रामानन्दाचार्य जी के ७२६ वें जन्मोत्सव में प्रयागराज में जन्म पिता पुण्य सदन माता सुशीला देवी गुरू राघवनन्द आदि जीवन परिचय विस्तार से जानकारी दिया। उनके ब्रम्हनिष्ठ स्वरूप,सदाचारी, पुर्ण योगेश्वर, परमात्व तत्व के रहस्यों के पुर्ण ज्ञाता, स्वामी जी सभी जाति वर्ग के लोगों को भक्तिभाव से जोडक़र जीवन की दिशा प्रदान करने एवं उनके सनातन धर्म के पुरोधा व्यक्तित्व को रेखांकित किया । उत्तर एवं दक्षिण के चौदहवीं शताब्दी मे भक्ति आदोलन को भगवत पूजा के स्वरूप में एकरूपता प्रदान कियां। अखिल भारतीय पुरोहित संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव कुमार निर्वाणी ने श्री सम्प्रदाय के महान आचार्य, छुआ-छुत मिटाने वाले समरसता प्रदान करने वाले जगदगुरू रामानन्दाचार्य जी के विचारों को अवगत कराया। विभिन्न जातियों के द्वादश शिष्य कबीरदास, रविदास रैदास, अनतानन्द,भावानंन्द,सुरसरी,पदमावति,सुखानन्द,पीपादास,सेन नाई, धन्नादास आदि संतो के द्वारा धर्म कार्यो को एक सूत्र में बंाधे रखने के योगदान को बताया। रामानन्दाचार्य जन्मोत्सव पर ज्ञानेश्वर वैष्णव, राम वैष्णव,निखिल वैष्णव, माधवदास,जितेन्द्र किशोर वैष्णव,वैभव निर्वाणी, विवेक त्रिपाठी, अनिल, रूपमति निर्वाणी, लतारानी वैष्णव, मौसमी निर्वाणी, रीता, कनकलता, शोभना,मीरा,मधु,शोभा,भारती,सुधा सहित सैंकी बग्गा पार्षद, सुरेन्द्र सिंग, विष्णु सिंग, गिरीश परिहार, अनिल श्रीवास्तव, रविन्द्र श्रीवास्तव,राजू यादव, शिव कुमार सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहें।
