गेंदटोला, — शांत और सरल माने जाने वाला गेंदटोला गांव इन दिनों एक खतरनाक और गैरकानूनी गतिविधि के केंद्र में तब्दील हो चुका है। गांव के बीचोंबीच खुलेआम सट्टे का धंधा फल-फूल रहा है, और सबसे चौंकाने वाली बात — सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है! स्थानीय सूत्रों की मानें तो यह सट्टा रैकेट सिर्फ छोटे मोटे नंबरों का खेल नहीं, बल्कि लाखों के गोरखधंधे में बदल चुका है। स्कूली बच्चों से लेकर बेरोज़गार युवाओं तक, कई लोग इस दलदल में फंस चुके हैं। गांव की गलियों में दिन-दहाड़े लगने वाले अड्डों पर अब अपराधी किस्म के लोग भी मंडराने लगे हैं। पुलिस कर रही है आंखें बंद? गांव वालों का आरोप है कि पुलिस को इस गैरकानूनी कारोबार की पूरी जानकारी है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा किया है कि स्थानीय थाने के कुछ कर्मचारियों की इसमें ‘हिस्सेदारी’ तक हो सकती है।?”हमारे बच्चे बर्बाद हो रहे हैं!” — एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “गांव के लड़के अब पढ़ाई छोड़कर नंबर और सट्टे की बातें कर रहे हैं। अगर समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया, तो गेंदटोला पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।”प्रशासन की खामोशी पर सवाल जब इस मुद्दे पर स्थानीय अधिकारियों से बात करनी चाही, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देकर बात टाल दी। अब सवाल यह है कि क्या कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन जागेगा? क्या गेंदटोला के लोग खुद उठाएंगे आवाज़ या फिर ये गांव सट्टे के दलदल में डूब जाएगा?
