आत्म समर्पित नकसली परिवार के बारहवी उत्तीर्ण बच्चों को बी.पी. ए. डिग्री पाठ्यक्रम में नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी।
अब आत्म समर्पित नकसली परिवार के युवा संगीत, नृत्य, में नि:शुल्क बी.पी.ए. बैचलर ऑफ परफार्मिंग आर्ट डिग्री पाठ्यक्रम करेगे।
चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र के संस्थापक डॅा. कृष्ण कुमार सिन्हा का अनोखा पहल।
संस्कारधानी राजनांदगांव की शिक्षा, संस्कृति संस्कार के लिए समर्पित संस्थापक चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र (संगीत महाविद्यालय) के संस्थापक डॅा. कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा रायगढ नरेश राजा चक्रधर सिंह एवं अपने गुरू प्रो. कल्याण दास महन्त के नाम से ४४ वर्षो से स्थापीत मध्य भारत और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्नातक संगीत महाविद्यालय होने का गौरव प्राप्त संगीत महाविद्यालय है।
और जिसका उद्ेदश्य है, राजा चक्रधर सिंह जी द्वारा सृजित संगीत, नृत्य ग्रन्थों जो की भारतीय ज्ञान पंरपरा का अनुपम कृतियों को जनमानस तक शिक्षण, संरक्षण, सवर्धन एवं ‘‘रायगढ़ घराना कथक’’ नृत्य परंपरा को मानव समाज में प्रचारीत प्रसारित कर स्थापित करना । एवं इन्हीं समपर्ण भाव से शिक्षण सत्र २०२६-२७ से आत्म समार्पित नक्सली परिवार के कक्षा बारहवी उत्तीर्ण बच्चे नि:शुल्क शास्त्रीय गायन, कथक नृत्य, तबला, लोक संगीत पाठ्यक्रम में बी.पी.ए. बैचलर ऑफ परफर्मिंग आर्ट में नि:शुल्क स्नातक (डिग्री) करेगे नई शिक्षा नीति २०२० भारत सरकार का उदे्दश्य है। कि विद्यार्थीयों को शिक्षा के साथ-साथ स्किल हुनर, कौशल हो ताकि युवा स्वरोजगार करे और दूसरों को भी रोजगार देने वाला हो।
चार वर्षीय बी.पी.ए. बैचलर ऑफ परफर्मिंग आर्ट रोजगार युवक व्यवसयिक डिग्री पाठ्यक्रम में विद्यार्थी अलग-अलग सेमेस्टर में संगीत नृत्य के साथ अन्य विषयों का भी अध्ययन करेंगे। जैसे की हिन्दी साहित्य, अंगे्रजी, संस्कृत, आपदा प्रबंधन, मानव अधिकार, योग, संग्रहालय विज्ञान, ट्रेव्हल एंड टुरिज्म, स्पोकन इंग्लिस लेंग्वेज एंड कम्युनिकेशन स्कील, प्रोद्योगिक, पत्रकारिता, जनसंचार व्यवसायिक एवं कार्यालयीन प्रयोजन मुलक हिन्दी, कम्यूटर एप्लिकेशन एवं इन्ट्रोडक्शन टू मल्टीमीडिया, एवं मुख्य विषय से संबंधित कौशल विकास, व्यक्तित्व विकास और शिक्षण कौशल जैसे विषयों का अध्ययन कर विद्यार्थी संगीत, नृत्य कला शिक्षक के रूप में केन्द्रीय विद्यालय नवोदय विद्यालय, प्रयास विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, पी.एम.श्री विद्यालय रेल्वे आदि मे अपना कैरियर बना सकते है।
जो विद्यार्थी उपरोक्त पाठ्यक्रम करना चाहते है, वह चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र संाकरा एवं संर्पक कार्यालय जमात पारा राजनांदगांव (छ.ग.) में संर्पक कर कैरियर संबंधी नि:शुल्क मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है।
