शिवनाथ नदी से बोल बम के कांवड़िए स्वयं-भू-लिंगेश्वर में आते है जल चढ़ाने
,,, श्रद्धा- एभक्ति की बह रही बयार
राजनांदगांव / नाग पंचमी के अवसर पर ग्राम भांठा गांव में भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर का दर्शन करने सुबह से ही श्रद्धालुओ का तांता रहा।
बता दें कि संस्कार धानी नगरी से लगभग 10 किलोमीटर दूर गठुला- भेड़ीकला ग्राम के निकट ग्राम भांठागांव में भीषण गर्मी के दिनों धरती फोड़ उत्पन्न हुए भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर की श्रावण मास में पूरे भक्ति- भाव से पूजा -अर्चना हो रही है। सावन के हर सोमवार को बोल बम कांवरिए शहर के शिवनाथ नदी से जल लाकर भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर में चढ़ाते हैं। वहीं भक्तों द्वारा रोजाना ओम नम: शिवाय,व महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा आदि का निरंतर जाप से ग्राम भांठागांव का माहौल शिवमय बना हुआ है। लोग भगवान शिव लिंगेश्वर में लिपटे नाग जोड़े व यहां विचरण करने वाले सर्पो का दर्शन कर धन्य महसूस कर रहे हैं।
शिव कृपा से असाध्य रोग किए जा रहें दूर
बताते चलें कि भांटागाव के स्वयं भू शिव लिंगेश्वर मनुष्य के हृदय की तरह धड़कता है। इसमे इलेक्ट्रॉनिक बंद घड़ी टिकाने से अपने आप चालू हो जाता है।मंदिर में भगवान शिव की कृपा से असाध्य रोगों को भी दूर किया जाता। मंदिर के पूजारी विजेंद्र साहू ने बताया कि भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर का चमत्कारी शिव लिंग का दर्शन करने लोग जहां दूर-दूर से आते हैं वहीं असाध्य रोगों के रोगियों द्वारा मंदिर के जड़ी- बूटी युक्त औषधि खाकर ठीक हो जाते हैं । मंदिर में दर्शन करने आए पी डब्ल्यू डी अधिकारी एन के डडसेन, खैरागढ़ के चिरंजीव सिंन्हा,ईनेश्वर साहू संस्कार धानी के सतीश तिवारी, थानेश्वर यादव,देवेश हटवार,ग्राम के खेमलाल साहू, नरोत्तम साहू आदि ने बताया कि भगवान शिव की कृपा से मंदिर में आने वाले असाध्य रोगियों के दुख- दर्द दूर हो जाते हैं। लकवा, मिर्गी, चर्मरोग, सुगर आदि की पुजारी महराज द्वारा दवाईयां दी जाती है। लोग भगवान स्वयं भू शिव लिंगेश्वर का दर्शन लाभ सहित शारीरिक व्याधियो से भी मुक्ति पा रहे हैं। यही वजह है कि श्रावण मास में स्वयं भू शिव लिंगेश्वर मंदिर में शिव लिंग में लिपटे नाग- सर्प का दर्शन करने लोगों का तांता लगा रहता है। शिव भक्ति की यहां बयार बह रही है।
,,, श्रद्धा- एभक्ति की बह रही बयार