डोंगरगांव में मुरूम माफियाओं का बड़ा खेल!
ग्राम बीजाभाटा पंचायत की अनदेखी में महीनों से चल रही अवैध खुदाई, बिना रॉयल्टी पर्ची निजी कंपनियों तक पहुंच रहा मुरूम
राजनांदगांव डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम बीजाभाटा पंचायत में अवैध मुरूम उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत की अनदेखी और कथित मिलीभगत से पिछले कई महीनों से लगातार मुरूम की खुदाई की जा रही है और बिना रॉयल्टी पर्ची के निजी कंपनियों को सप्लाई किया जा रहा है। पूरे मामले में खनिज विभाग की लापरवाही भी खुलकर सामने आ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लंबे समय से जेसीबी मशीनों और भारी वाहनों के जरिए दिन-रात मुरूम निकाला जा रहा है। इसके बाद हाईवा
से अवैध रूप से मुरूम निजी कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में उत्खनन और परिवहन होने के बावजूद किसी प्रकार की वैध रॉयल्टी पर्ची नहीं दिखाई गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुरूम माफिया खुलेआम सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं गांव की सड़कें और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध मुरूम का खेल महीनों से चलता रहा और खनिज विभाग अब तक कार्रवाई से क्यों बचता रहा?
