प्रदेश कांग्रेस असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ट के प्रदेश सचिव श्री सूरज शर्मा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ,वर्तमान में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार ने दो साल पहले ज्ञान थीम के साथ विकास की आधारशिला की बात रखी,पिछले वर्ष के बजट में गति थीम के साथ 36 गढ़ के समग्र विकास की बात कही और वर्तमान वित्तीय वर्ष में पेश बजट में संकल्प थीम के साथ प्रदेश की समृद्धि और सम्पन्ता को मुख्य तौर पर पेश किया गया है जो यथार्थ में एक दिवास्वप्न सा वास्तविकता से परे प्रतित होता है।
विगत 2 सालों में 28000 से भी अधिक का कर्ज ले सरकार ने अपने कमजोर वित्तीय मेनेजमेंट को उजागर कर दिया है। वर्तमान में राज्य के ऊपर कर्जा 1.429 मिलियन के पार पहुँच गया है। सरकार की खर्चीली नीतियों का बोझ प्रदेश की जनता आखिर कब तक उठाएगी। भविष्य में प्रदेश सिर से पांव तक कर्ज़ में डूब जाएगा। लगता तो ऐसा है कि हमारे कुशल प्रबंधन में महारत वित्तमंत्री जी से व्यवस्था संभल नही रही। पूर्व भूपेश बघेल की सरकार ने भी कर्ज़ माफ किया किसानों को सारी सुख सुविधाएं मुहैया करवाई तब भी इतने कर्ज़ लेने की जरूरत नही आन पड़ी।
इस बजट में कही भी हम देख लें किसानों के हित, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एवम ग्रामीण रोजगार को मजबूती उपलब्ध कराने जैसी कोई बात नही दिखती। नगरीय निकायों को वित्तीय संकट से उबार आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने जैसा कुछ नही दिखता। वर्तमान पेश बजट वास्तविकताओं और जमीनी सच्चाइयों से उलट है। यह सिर्फ आंकड़ो के जादू में उलझा एक दिवास्वप्न है।
