राजभाषा आयोग के बिलासपुर प्रांतीय अधिवेशन में सम्मानित हुए कोशा

जिले के कवि/ साहित्यकारों ने राजभाषा के आयोजन में दी‌ प्रभावी साहित्यिक प्रस्तुति,,संस्कार धानी की छोड़ी अमिट छाप

राजनांदगांव / छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ( छ०ग०- शासन) द्वारा 10 एवं 11 जनवरी को बिलासपुर मे दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन किया गया जिसमें जिले के कवि / साहित्यकारों ने अपनी प्रभावी साहित्यिक प्रस्तुति देकर संस्कार धानी नगरी की साहित्यिक गरिमा की विशेष छाप छोड़ी वहीं आगत अतिथियों व वरिष्ठ साहित्यकारो द्वारा उक्त आयोजन में जिले के वरिष्ठ कवि/ साहित्यकार एवं लोक कला धर्मी आत्माराम कोशा “अमात्य” का सम्मान किया गया।

बता दें कि बिलासपुर न्याय धानी में आयोजित आयोग के प्रांतीय नौवां अधिवेशन में आयोग के जिला समन्वयक श्री कोशा के नेतृत्व में जिले के बड़ी संख्या में कवि /साहित्यकारो ने शिरकत की और काव्य-पाठ सहित अन्य विषयों में‌ प्रभावी प्रस्तुति देकर वाह – वाही पाते हुए साहित्यिक धरा संस्कार धानी नगरी का परचम लहराया।

*छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में दर्ज कराने आह्वान*

न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित राजभाषा आयोग के 9 वां प्रांतीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल जी थे वहीं अध्यक्षता व विशेष अतिथि के रुप में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष धरमलाल , (विधायक) सुशांत शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी,महापौर पूजा विदानी, सिम्स डीन रमनेश मूर्ति आदि उपस्थित थे जिनके द्वारा छत्तीसगढ़ की मयारु भाखा छत्तीसगढ़ी को केंद्र की आठवीं अनुसूची में दर्ज कराने के लिए विशेष जोर देने की बात कही गई और इसके लिए सभी कवि साहित्यकारों को प्राण – प्रण से जुट जाने के लिए आह्वान भी किया गया।

*कवि / साहित्यकारों ने छोडी विशेष छाप*

दस सत्रों में संपन्न हुए राजभाषा के इस अधिवेशन में संस्कारधानी नगरी के हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि पद्म लोचन शर्मा “मुंहफट” ने भव्य कवि सम्मेलन का ओज पूर्ण संचालन कर विशेष छाप छोड़ी वहीं,वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दादूलाल जोशी, द्वारा कहानी में तथा कवि / कथाकार मानसिंह “मौलिक”, वरिष्ठ कवि अखिलेश मिश्रा “अकाट्य”, ओमप्रकाश साहू”अंकुर”, महेंद्र बघेल “मधु”, डॉ माधवी गणवीर, रोहिणी पटेल, अजनी “अंजुम”, अनिल कसार, अलखराम यादव, छोटे लाल सिन्हा, कोमल “गुरु”, थनवार निषाद‌ “सचिन”, राजकुमार चौधरी “रौना” मदन मंडावी , शंकर शरण खोबरागड़े, अमृत साहू “अमृत” फकीर साहू फक्कड़,आदि ने काव्य पाठ कर ऐसा रंग जमाया कि श्रोता भाव विभोर हो उठे और हाल तालियों से गूंज उठा।

*सम्मानित हुए वरिष्ठ साहित्यकार कोशा*

इस अवसर पर छत्तीसगढ़

राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष व थावा वि०वि० के कुल पति डॉ विनय‌ कुमार पाठक,बिलासपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेई सिम्स के डीन रमणेश मूर्ति वरिष्ठ साहित्यकार राघवेंद्र दुबे ,शिव शरण जी आयोग की सचिव अभिलाषा बेहार के हाथों श्री कोशा का स्मृति चिन्ह प्रशस्ति पत्र पुष्प गुच्छ व श्री फल प्रदान कर सम्मानित किया गया। दो दिन तक चले कवि/ साहित्यकारों के इस महाकुंभ में अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी साहित्य के 14 पुस्तको का विमोचन किया गया वहीं बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ी साहित्य की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसका अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया। पूरे प्रदेश भर से शामिल हुए कवि/ साहित्यकारों के इस महाकुंभ में लोक नृत्य गीत की भी छटा बिखरी।इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित कवि /साहित्यकारोंऔर लोक कला धर्मी गुणी जन छत्तीसगढ़ी को और भी पोठ और साहित्यिक समृद्धि से छत्तीसगढ़ महतारी की कोठी को भर देने की पुनीत भावनाओं को लेकर खुशी-खुशी विदा हुए। उक्ताशय की जानकारी छत्तीसगढ़ साहित्य समिति समिति के सचिव कवि/ कथाकार मानसिंह मौलिक द्वारा दी गई।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles