जिला दुर्ग धमधा विकासखंड के ग्राम कोड़िया और कान्हारपुरी स्थित धान उपार्जन केंद्रों में कई दिनों से धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान जमा है, लेकिन परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से धान का उठाव ठप पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि समय पर धान उठाव नहीं होने से केंद्रों में जगह की कमी हो रही है, वहीं खुले में रखे धान के खराब होने का भी खतरा बना हुआ है। बारिश और नमी के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। कोड़िया और कान्हारपुरी के किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धान बेचने के बाद भी भुगतान में देरी की आशंका से किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।?
किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द धान उठाव की व्यवस्था की जाए, ताकि उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था न फैले और किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। जिससे प्रबंधकों को धान परिवहन नहीं होने से धान शॉर्टेज हो रही है जिससे सोसाइटियों को भारी नुकसान हो रहा है?
जिला दुर्ग धमधा विकासखंड के ग्राम कोड़िया और कान्हारपुरी स्थित धान उपार्जन केंद्रों में कई दिनों से धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान जमा है, लेकिन परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से धान का उठाव ठप पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि समय पर धान उठाव नहीं होने से केंद्रों में जगह की कमी हो रही है, वहीं खुले में रखे धान के खराब होने का भी खतरा बना हुआ है। बारिश और नमी के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। कोड़िया और कान्हारपुरी के किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धान बेचने के बाद भी भुगतान में देरी की आशंका से किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।?