ट की हालत खस्ताहाल – गेट अढ़ तिरछा, पिचिंग में दरारें!
झिटिया/डोंगरगांव: ग्राम झिटिया में निर्मित एनीकट (जल संरचना) की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुली है। हाल ही में किए गए निरीक्षण में सामने आया है कि एनीकट का गेट अढ़ तिरछा हो गया है, जिससे जल प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है और जल प्रबंधन पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि एनीकट की पिचिंग जगह-जगह से फट रही है, जिसमें बड़ी-बड़ी दरारें नजर आ रही हैं। इस तरह की संरचनात्मक कमजोरी आने वाले समय में एनीकट के टूटने का संकेत दे रही है, जिससे न केवल किसानों को भारी नुकसान हो सकता है, बल्कि ग्रामवासियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
ग्रामीणों में रोष, जिम्मेदार मौन! गांव के किसानों और रहवासियों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यदि एनीकट टूटता है, तो आसपास की फसलें और घर दोनों तबाह हो सकते हैं।
प्रशासन का लापरवाही भरा रवैया एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों को सहेजने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर रख-रखाव की घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। झिटिया एनीकट की स्थिति इसका जीता-जागता उदाहरण है।
क्या टूटने के बाद जगेगा प्रशासन? अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन एनीकट के पूरी तरह ध्वस्त होने का इंतज़ार कर रहा है? या फिर समय रहते इसकी मरम्मत कराकर लोगों को राहत दी जाएगी?