ग्राम गेंदा टोला में इन दिनों अवैध सट्टा कारोबार ने पैर पसार लिए हैं। गांव की गलियों में खुलेआम चल रहे इस गैरकानूनी धंधे ने युवाओं को जाल में फंसा लिया है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि प्रशासन अब तक पूरी तरह से मौन है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के बीचोंबीच कुछ घरों और दुकानों में रोज़ाना लाखों रुपये का सट्टा खेला जा रहा है। स्कूल-कॉलेज के छात्र भी इस दलदल में फंसते जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा रैकेट एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा है, जिसकी जड़ें आस-पास के कस्बों तक फैली हुई हैं।
पुलिस और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन की आंखें कब खुलेंगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
गांव के भविष्य पर संकट
सट्टा कारोबार ने ना केवल गांव की सामाजिक संरचना को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कई घरों की आर्थिक स्थिति भी बिगाड़ दी है। खेती-किसानी छोड़ युवा अब “एक रात में अमीर बनने” के लालच में अपनी जिंदगी तबाह कर रहे हैं।
जनता की मांग – तुरंत कार्रवाई हो
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सट्टा रैकेट के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस अवैध धंधे में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे डाला जाए। साथ ही गांव में निगरानी बढ़ाने और युवाओं के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है।?
