संस्कारधानी में अंधेरा नहीं, ये पार्षद की “साफ लापरवाही” है?
राजनांदगांव की संस्कारधानी, जहां रौशनी के नाम पर केवल वादे हैं, हकीकत में पसरा है घना अंधेरा!
वार्ड नंबर 4 के नया ढाबा इलाके में स्टेट लाइट का नाम-ओ-निशान तक नहीं, और अंधेरी सड़कों पर बेखौफ बैठे हैं जानवर — हादसों को न्योता देते हुए। सवाल ये नहीं कि लाइट क्यों नहीं है, सवाल ये है कि पार्षद आखिर कर क्या रहे हैं?
जनता परेशान, सड़कें खतरनाक, हादसे कभी भी हो सकते हैं — लेकिन पार्षद महोदय शायद चैन की नींद सो रहे हैं!
लोग कह रहे हैं — “वोट मांगने सब आते हैं, लाइट जलवाने कोई नहीं!”
नया ढाबा के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं!
रात के वक्त सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं
जानवर बीच सड़क में बैठे रहते हैं
वाहन चालकों को दिखाई नहीं देता और…
एक दिन हो सकता है कोई बड़ा हादसा! अब जनता पूछ रही है — पार्षद जी, ये कब तक चलेगा?
क्या आपको किसी की जान जाने का इंतजार है?
क्या वार्ड नंबर 4 की जनता आपकी जिम्मेदारी नहीं?
