राजनांदगांव। जिले से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सुकूलदैहान में अवैध मुरूम उत्खन
न का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना अनुमति मुरूम की खुदाई की जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि शासन को राजस्व की भी भारी क्षति हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, दिन-रात भारी मशीनों की मदद से मुरूम निकाली जा रही है और अपनी हाईवा के माध्यम से इसे अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस गतिविधि से गांव की सड़कों की हालत भी खराब हो गई है और धूल-धक्कड़ से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
इस मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्थानीय प्रशासन को कई बार शिकायतें दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अनियंत्रित उत्खनन क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में भू-क्षरण जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और सख्त कानून लागू करने की भी अपील की है। ?अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध गतिविधियों पर कब तक अंकुश लगाता है।?
न का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना अनुमति मुरूम की खुदाई की जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि शासन को राजस्व की भी भारी क्षति हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, दिन-रात भारी मशीनों की मदद से मुरूम निकाली जा रही है और अपनी हाईवा के माध्यम से इसे अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस गतिविधि से गांव की सड़कों की हालत भी खराब हो गई है और धूल-धक्कड़ से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।