जिला राजनांदगांव के छुरियां ब्लॉक के ग्राम पंचायत चारभाठा के आश्रित मोतीपुर में शिवनाथ नदी के बीचोंबीच रैंप (अस्थायी रास्ता) बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात मशीनों के जरिए नदी की धारा को प्रभावित कर
ते हुए रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और जलस्तर पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, उत्खनन करने वालों ने नदी के भीतर ही रास्ता तैयार कर लिया है, जिससे माजदा और भारी वाहन सीधे बीच धारा तक पहुंच रहे हैं। इससे न केवल नदी की प्राकृतिक संरचना बिगड़ रही है, बल्कि आसपास के खेतों और जल स्रोतों पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अवैध उत्खनन से नदी की धारा बदल सकती है, जिससे बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही जलजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को भी भारी नुकसान होता है।
मांग: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।?
ते हुए रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और जलस्तर पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, उत्खनन करने वालों ने नदी के भीतर ही रास्ता तैयार कर लिया है, जिससे माजदा और भारी वाहन सीधे बीच धारा तक पहुंच रहे हैं। इससे न केवल नदी की प्राकृतिक संरचना बिगड़ रही है, बल्कि आसपास के खेतों और जल स्रोतों पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे