प्रमुख वक्ता डॉ. किरण गायकवाड़ ने छात्राओं को दी मासिक धर्म स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी, व्याख्याता थंगेश्वर कुमार साहू की रही प्रमुख सहभागिता
तिलईरवार। किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलईरवार में “चुप्पी तोड़ें, जागरूकता जोड़ें: महावारी स्वच्छता अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को महावारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं पर बिना किसी संकोच के चर्चा करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता डॉ. किरण गायकवाड़ ने छात्राओं को मासिक धर्म की प्राकृतिक प्रक्रिया, इस दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व, सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग एवं समय पर बदलाव, इस्तेमाल किए गए उत्पादों के उचित निपटान तथा संतुलित आहार और स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि महावारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, इसे लेकर शर्म या संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। सही जानकारी और स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाकर किशोरियां अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकती हैं।
डॉ. गायकवाड़ ने छात्राओं को यह भी संदेश दिया कि मासिक धर्म से संबंधित किसी भी असामान्य परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने महावारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और परिवार एवं समाज में इस विषय पर सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता थंगेश्वर कुमार साहू की प्रमुख सहभागिता रही। उन्होंने छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जागरूकता को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी जानकारी देकर आत्मविश्वासी, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना बालिका शिक्षा, आत्मसम्मान और सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि महावारी कोई बीमारी या शर्म का विषय नहीं, बल्कि एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस विषय पर खुलकर चर्चा करने, सही जानकारी अपनाने और स्वच्छता के प्रति सजग रहने से किशोरियों के स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल सकता है।
विद्यालय में आयोजित यह जागरूकता अभियान बालिका स्वास्थ्य, स्वच्छता, सम्मान और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा। “चुप्पी तोड़ें, जागरूकता जोड़ें” के संदेश के साथ छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य किशोरियों को भी सही जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टर तुषार छाजेड़, रोशन देवांगन, थंगेश्वर कुमार साहू, अनुराधा ढोक, रेखा मुरकुटे, असीम कुमार यदु एवं समस्त स्टॉफ सदस्यों की उपस्थिति एवं सहभागिता रही कार्यक्रम का संचालन थंगेश्वर कुमार साहू जी के द्वारा किया गया ।
