गौरी गणेश पूजन के साथ नवरात्र प्रारंभ, विदेशों से भी श्रद्धालुओं ने जलाए ज्योत
पंचमी श्रृंगार 15, महाअष्टमी हवन 18 एवं रामनवमी उत्सव 19 को
राजनांदगांव। मानव सेवा व जनकल्याण के लिए अंचल सहित देशभर में पहचान बना चुकी बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा अपने आशीर्वादक राष्ट्रीय संत श्री श्री 1011 योगाधिराज ब्रम्हर्षि बर्फानी दादा जी के आशीर्वाद से संस्था द्वारा संचालित गर्भगृह में विराजमान मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ बर्फानी आश्रम में शारदीय क्वांर नवरात्र 11 अक्टूबर रविवार से प्रारंभ हुए क्वांर नवरात्र पर्व पर माता की ज्योति सहित 2395 श्रद्धालुओं द्वारा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित की गई। क्वांर शुक्ल पक्ष पंचमी 15 अक्टूबर गुरुवार को मां पाताल भैरवी सहित समस्त देवी देवताओं का विशेष श्रृंगार एवं पूजन किया जाएगा।
संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’ ने बताया कि सारे देश में मनाए जाने वाले मां भगवती के साधना व भक्ति का महापर्व शारदीय क्वांर नवरात्रि पर्व बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ में भी 11 अक्टूबर रविवार से 19 अक्टूबर सोमवार तक मनाया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन माता व अन्य देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा पाठ के अलावा आरती पूजन का कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें अंचल सहित देशभर के हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं।
अविभाज्य मुहूर्त पर हुई पूजा अर्चना
शारदीय क्वांर नवरात्रि प्रतिपदा एकम 11 अक्टूबर रविवार को अविभाज्य मुहूर्त दोपहर 11.50 से 12.36 के मध्य विद्वान आचार्य कृष्णकांत त्रिपाठी व पंडितों के द्वारा विधि विधान के मध्य मुख्य जजमान गणेश प्रसाद शर्मा, श्रीमती आरती शर्मा व अन्य सदस्यों के द्वारा गौरी गणेश नवग्रह स्थापना, गुरु पूजन के पश्चात मां पाताल भैरवी, भोलेनाथ, स्फटिक शिवलिंग, हनुमान जी महाराज, भैरव बाबा एवं अन्य देवी देवताओं का दूध, दही, गंगाजल, शुद्ध जल, शक्कर, शहद, घी, अष्टगंध, सुगंधित द्रव्य से अभिषेक पूजन पश्चात भगवान भोलेनाथ, मां पाताल भैरवी, मां काली व दस महाविद्या की आरती संस्था के अध्यक्ष व लोकगीत गायक राजेश मारु व अन्य श्रद्धालुओं के द्वारा उतारी गई।
देश विदेश के श्रद्धालुओं ने किए ज्योति कलश प्रज्ज्वलित
मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में गौरी गणेश स्थापना पश्चात मंत्रोच्चार के मध्य माई ज्योत व गुरु ज्योत प्रज्ज्वलन की गई। इस सिद्धपीठ परिसर में 2395 ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। जिसमें अंचल के साथ ही देश के अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं व देश की सीमा पार विदेशों में रहने वाले आस्ट्रेलिया, बुस्टन शहर यूएसए, जर्मनी, कनाड़ा, दुबई, थानेवड बैंकाक के श्रद्धालुओं के द्वारा ज्योति प्रज्ज्वलित किए गए हैं।
पंचमी श्रृंगार 15 को व महाअष्टमी हवन 18 को
बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में 15 अक्टूबर गुरुवार को शारदीय क्वांर शुक्ल पक्ष पंचमी के अवसर पर गणेश जी, हनुमान जी, मां पाताल भैरवी, मां राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दस महाविद्या, भगवान भोलेनाथ, भैरव बाबा सहित समस्त देवी देवताओं का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सिद्धपीठ में महाअष्टमी हवन 18 अक्टूबर रविवार को संध्या 6 बजे से श्रीयंत्र पर आधारित यज्ञशाला में एवं दुर्गानवमी उत्सव व ज्योति कलश विसर्जन 19 अक्टूबर सोमवार को प्रात: 10 बजे कुंवारी कन्या भोजन, 11 बजे माता की महाआरती, 12 बजे दुर्गानवमी उत्सव, 12.15 बजे माई ज्योत विसर्जन तत्पश्चात दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं की ज्योति कलशों का विसर्जन किया जाएगा।
संध्या आरती रात्रि 8 बजे से
नवरात्र के अवसर पर प्रतिदिन माता की संध्या में रात्रि 8 बजे से 9.30 बजे तक विशेष आरती व पूजन किया जा रहा है। जिसमें संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’, कोषाध्यक्ष नीलम जैन, महंत गोविंद दास, महेन्द्र लुनिया, आलोक जोशी, सूरज जोशी, कुलबीर छाबड़ा, लीलाधर सिंह, बलविंदर सिंह भाटिया, संतोष खंडेलवाल, संजय खंडेलवाल, कमलेश सिमनकर, हर्ष कुमार बिंदु, सत्यम शर्मा, योगेन्द्र पांडे, मनीष परमार सहित हजारों श्रद्धालुगण रोज आरती पूजन में सम्मिलित हो रहे हैं।
