राज्यपाल रमेन डेका की पहल का स्वागत, शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाने जनभागीदारी समिति प्रतिबद्ध
राजनांदगांव। प्रदेश में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका द्वारा विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने का शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने स्वागत किया है। रवि सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “अब समय केवल डिग्री बांटने का नहीं, बल्कि युवाओं को सक्षम बनाने का है। हमारी शिक्षा ऐसी हो, जो विद्यार्थी को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाए।” रवि सिन्हा ने कहा कि राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा NAAC-NIRF रैंकिंग में सुधार, रिक्त पदों की पूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाना प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव की शैक्षणिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। जनभागीदारी समिति का प्रयास रहेगा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक अध्ययन सुविधाएं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेलकूद तथा नवाचार के लिए अधिक से अधिक अवसर मिलें।
“शिवनाथ कॉलेज बनेगा युवाओं की नई उड़ान का मंच”
रवि सिन्हा ने कहा कि राजनांदगांव सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में अध्ययन करते हैं। इन विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही दिशा और संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी समिति महाविद्यालय के विकास में अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाएगी। विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के साथ अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़ने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।
रवि सिन्हा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की नीतियों का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब उसका प्रभाव कक्षा और प्रयोगशाला तक पहुंचे। इसके लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और जनभागीदारी समिति को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय केवल परीक्षा और डिग्री का केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभा, नवाचार और रोजगार की नई संभावनाओं का केंद्र बने। राजनांदगांव के युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और वे प्रदेश एवं देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं, यही हमारी प्राथमिकता है।”
रवि सिन्हा ने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन और सरकार की शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
