राजनांदगांव के ग्राम बुंदेलीकला में इन दिनों मुरूम के अवैध उत्खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। गांव के खेतों के बीचों-बीच बिना रॉयल्टी और अनुमति के जेसीबी मशीनों से धड़ल्ले से मुरूम निका
ली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर खुदाई की जा रही है, वहां से बिजली के खंभे भी गुजर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुरूम माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का कोई डर नहीं रह गया है। ग्रामीणों के अनुसार, देर रात से लेकर दिनभर तक हाईवा में मुरूम भरकर बाहर भेजी जा रही है। खेतों में गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे कई जगह जमीन कमजोर पड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे उत्खनन से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी बर्बाद हो रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि खुदाई वाले क्षेत्र के बीच बिजली के खंभे खड़े हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी तरह खंभों के आसपास मिट्टी हटाई जाती रही तो बिजली के पोल कभी भी गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। गांव के लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को इसकी शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन करने वालों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते खनिज विभाग और राजस्व विभाग कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। लगातार दौड़ रहे भारी वाहनों से गांव की सड़कें भी टूटने लगी हैं। धूल के गुबार से ग्रामीण परेशान हैं और छोटे बच्चों व बुजुर्गों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी, या फिर बुंदलीकला में मुरूम माफियाओं का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?
ली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर खुदाई की जा रही है, वहां से बिजली के खंभे भी गुजर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुरूम माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का कोई डर नहीं रह गया है। ग्रामीणों के अनुसार, देर रात से लेकर दिनभर तक हाईवा में मुरूम भरकर बाहर भेजी जा रही है। खेतों में गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे कई जगह जमीन कमजोर पड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे उत्खनन से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी बर्बाद हो रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि खुदाई वाले क्षेत्र के बीच बिजली के खंभे खड़े हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी तरह खंभों के आसपास मिट्टी हटाई जाती रही तो बिजली के पोल कभी भी गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। गांव के लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को इसकी शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन करने वालों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते खनिज विभाग और राजस्व विभाग कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। लगातार दौड़ रहे भारी वाहनों से गांव की सड़कें भी टूटने लगी हैं। धूल के गुबार से ग्रामीण परेशान हैं और छोटे बच्चों व बुजुर्गों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी, या फिर बुंदलीकला में मुरूम माफियाओं का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?