5 सितंबर 2026 लोकभवन रायपुर में राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन महामहिम रमेन डेका जी के हाथों व्याख्याता थंगेश्वर कुमार साहू राज्यपाल शिक्षक सम्मान से अलंकृत किए गए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा आदि सभी की उपस्थिति रही ।
आपके आदर्श बाबूजी स्व. चुनु राम साहू सेवानिवृत ( सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी) रहे हैं। वह बेहद ही कर्मठ, अनुशासनप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ एवं परिश्रमी, एक समर्पित शिक्षक थे। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु वर्ष 1998 में राष्ट्रपति महामहिम श्री के. आर. नारायणन के हाथों राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। माताजी फकीरिन देवी साहू ,पत्नी रेशमी साहू व्याख्याता (रसायन शास्त्र) पुत्री रीतिका साहू कक्षा दसवीं में अध्ययनरत व निवासी राजनांदगांव है।
एक अध्यापक के रूप में आपका सफर 01.06.2009 से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलईरवार ,विकासखंड डोंगरगांव जिला राजनांदगांव से प्रारंभ हुआ।प्रारंभ से ही आपका मुख्य लक्ष्य छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय के सर्वांगीण विकास करना रहा है।छात्र-छात्राओं में उच्च शैक्षिक स्तर को बढ़ाने, जल एवं पर्यावरण संरक्षण (वृक्षारोपण), जनजागरूकता कार्यक्रम जैसे बाल विवाह मुक्त भारत ,नशा मुक्त भारत, उल्लास साक्षरता अभियान , स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे टीकाकरण व अन्य जागरूकता रैली, शौच मुक्त ग्राम , बालिका शिक्षा , विद्यालय का नामांकन बढ़ाना व शाला त्यागी शून्य करना, साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम , विद्यालय के भौतिक विकास में समुदाय को जोडऩा , सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, राष्ट्र निर्माण एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने कार्यक्रम का आयोजन, समावेशी शिक्षा , उपचारात्मक शिक्षण , विद्यार्थियों के कैरियर गाइडेंस पर फोकस , सामाजिक, साहित्यिक , सामुदायिक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों द्वारा विद्यार्थियों का विकास आदि गतिविधियों को विगत 17 वर्षों से निरंतर आपके द्वारा किया जा रहा है ।
शिक्षक बना कोटवार – आपके द्वारा विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, शाला त्यागी शून्य करने, प्रतिदिन छात्र-छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति, पालकों एवं माता-पिता को बच्चों के पढ़ाई के लिए जागरूक करना, बच्चों की पढ़ाई के लिए उनके घर में एक कोना बनवाना आदि के लिए गांव में घूम घूम कर गीत कविताओं के माध्यम से लाउडस्पीकर द्वारा बोलते हुए माता-पिता एवं ग्रामवासियों को जागरूक किया जाता है ।
ईमानदारी की पेटी- आपके द्वारा विद्यालय में का संचालन प्रत्येक विद्यार्थियों में ईमानदारी का गुण एवं सहयोग का भाव विकसित करने किया जाता है और इस कार्य को सभी बच्चे पूरी ईमानदारी से करते हैं । इसके अंतर्गत विद्यार्थीगण स्वयं से बिना ताला लगे पेटी से शिक्षण सामग्रियों का क्रय विक्रय करते हैं ।
आपके द्वारा छात्र-छात्राओं में शैक्षिक स्तर को बढ़ाने के लिए कई नवाचारों का प्रयोग किया जाता है जैसे विषयवस्तुओ के चित्रों को रंगोली द्वारा, कई विषयवस्तुओं को गीत, कविताओं द्वारा रोचक बनाना, कम लागत वाले टीएलएम बनवाना, मॉडल बनवाना, छोटे-छोटे समूह बनाकर खेल-खेल में शिक्षण कार्य, चित्रकला, चार्ट एवं प्रोजेक्टर द्वारा अध्यापन को रोचक बनाना, अतिरिक्त कक्षा लेना, कई बार अवकाश के दिनों में भी बच्चों के घर जाकर अध्यापन कार्य किया जाता है । जिसका परिणाम है कि विगत 10 वर्षों से भी अधिक आपके अध्यापन के विषयों (विज्ञान एवं जीवविज्ञान) का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहता है ।
सघन वृक्षारोपण – आपके द्वारा विद्यालय एवं गांव में एक पेड़ मां के नाम का अभियान चलाते हुए सघन वृक्षारोपण का कार्य किया जाता है । जिसका परिणाम यह है कि आज विद्यालय में लगभग 500 से भी अधिक छोटे एवं बड़े पौधे सुंदर हरियाली हरा भरा का प्रतीक एवं स्वच्छ वातावरण को संदेश दे रही है ।
आपके द्वारा नि:सहाय एवं कमजोर गरीब विद्यार्थियों को आर्थिक मदद भी प्रदान किया जाता है। साथ ही प्रार्थना सभा में उनके जन्मदिवस पर पेन व पौधा , पानी बाटल से सम्मानित किया जाता है ।
आपके द्वारा विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए कैरियर गाइडेंस का भी कार्यक्रम समय-समय पर संचालित किया जाता है । दो छात्राएं शासकीय नौकरी स्टॉफ नर्स बन गई है , एक विकलांग बच्ची 12वीं के बाद आंगनवाड़ी में जॉब कर रही है । एक छात्र पीएचडी कर संविदा सहायक प्राध्यापक बन चुका है । कुछ बच्चे चित्रकारी में तो कुछ लोककला के क्षेत्र में अपना कैरियर बन चुके हैं । बहुत सारे बच्चे खुद का व्यवसाय चला रहे हैं। बहुत सारे बच्चे प्राइवेट जॉब कर रहे हैं एवं इस वर्ष तीन छात्रों का अग्निवीर में चयन हुआ है ।
राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित होने पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा विभाग, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा विभाग, संकुल प्राचार्य एवं संस्था प्राचार्य विजय कुमारन अय्यर, अशीम कुमार यदु, अनुराधा ढोक, रेखा मुरकुटे, जानकी वल्लभ तंबोली, राजेश कुमार नेताम, नोहर दास लिल्हारे, पालक राम वर्मा, जितेन्द्र कुमार कश्यप, हरिचंद यादव, आशीष मसीह, रीचा चन्द्राकर, हेमीन ठाकुर, दानेश्वर साहू समस्त स्टॉफ सदस्य, एसएमडीसी के अध्यक्ष रेशमलाल पटेल एवं सभी सदस्यगण मोरध्वज चंद्रवंशी, सुदर्शन साहू, दिग्विजय शांडिल्य, निर्मला शांडिल्य, सरंपच नंदिका कुंजाम, सीएसबी कुंजाम, राजकुमार साहू, शिवकुमार बघेल, हरिप्रसाद टंडन, प्रकाश सूर्यवंशी, चन्द्रकुमार साहू समस्त ग्रामवासी तिलईरवार एवं परिवारजनों साथ ही संस्कारधानी राजनांदगांव के कवि एवं साहित्यकारों ने उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दिए हैं।
