राजनांदगाँव। छत्तीसगढ़ की नदियों के संरक्षण एवं विकास योजनाओं की दृष्टि से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा श्रोत महोत्सव 2026 के नाम से प्रारंभ किये गये योजना के लिए श्री शिवनाथ क्षेत्रीय विकास समिति के अध्यक्ष डॉ डी सी जैन ने इसकी तुलना सम्राट भागीरथी द्वारा अपने पूर्वजों को नरकगति से मुक्ति दिलाने के लिए गंगा नदी को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने संबंधी घोर तप से तुलना की है तथा विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकृत पाँच स्तंभ – मानचित्रण, संरक्षण, पुनर्हरण, जनभागीदारी और कार्य योजना पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ की नदियों का कायाकल्प हो जायेगा। नदी किनारे स्थित शहर एवं गाँव का सर्वांगीण विकास होगा। इन योजनाओं के सफल होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस योग्य भगीरथ के रूप में याद किया जायेगा। डॉ जैन ने कहा हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी द्वारा भारत की नदियों को जोड़ने की योजना बनाई गई थीं। उनके द्वारा गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा इलाहाबाद (प्रयागराज) से लेकर कलकत्ता तक जहाज़ द्वारा यात्रा करने की योजना उन्हीं की देन है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में डॉ जैन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु लगभग सभी राज्यों में नदियों की सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में कोई प्रयास नहीं होने से तथा नदी तट की भूमि के अतिक्रमण के कारण अनेक नदियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है।
उनके द्वारा आगे कहा गया हैं कि राजनांदगाँव की जीवनदायिनी नदी शिवनाथ के संरक्षण एवं तटी क्षेत्र के विकास की दिशा में उनकी समिति द्वारा विगत 30 वर्षों से प्रयास किया जा रहा है। उनकी पंजीकृत समिति का उद्देश्य शिवनाथ नदी के उद्गम से लेकर उसके संगम शिवरीनारायण तक तटी क्षेत्रों का विकास एवं संरक्षण है। अपने इस उद्देश्य की दिशा में राजनांदगाँव के विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा समिति के प्रयासों की प्रसंशा करते हुए विगत 20 वर्षों के दौरान शिवनाथ बचाओ अभियान के द्वारा वर्ष 2010 और 2015 में शिवनाथ बचाओ अभियान चलाया गया जिसके कारण नदी किनारे के अतिक्रमण एवं नदी में संचित कीचड़- मिट्टी को हटाये जाने से एनिकट की जलग्रहण क्षमता बढ़ी है। उनके द्वारा शिवनाथ नदी के ऊपर उच्चस्तरीय पुल बनवाया गया, मोहड़ में एनिकट तथा शिवनाथ नदी मेला स्थल मोहारा में आम जानता कि सुविधा के लिए घाट एवं तटबंध का निर्माण कराया गया। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के प्रयास से मोहारा मेला एक दिन के स्थान पर तीन दिन लगाया जाने लगा है। समिति की माँग पर डॉ रमन सिंह जी, विधानसभा अध्यक्ष द्वारा भंवरमरा ऑक्सीज़ोन को मेला स्थल से जोड़ने हेतु लक्ष्मण झूला के निर्माण हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा विस्तृत योजना बजट में सम्मिलित किया जा चुका है। शिवनाथ समिति द्वारा विगत कई वर्षों से उसके उद्गम ढोढरी पर्वत के विकास एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त श्री नीलू शर्मा जी द्वारा महाराष्ट्र शासन को पत्र लिखा जा चुका है। इस प्रकार दोनों योजनाएँ मूर्त रूप होने पर शिवनाथ तट मोहारा एवं शिवनाथ उद्गम स्थल की लोकप्रियता में चार चाँद लग जायेंगे।
