साल्हेवारा===छुईखदान क्षेत्र के ग्राम खुड़मुड़ी में वन विभाग ने अवैध शिकार के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वनमंडल खैरागढ़ के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से जंगली सूअर का मांस, विद्युत तार, कुल्हाड़ी, हंसिया तथा अन्य सामग्री बरामद की गई। आरोपियों द्वारा खेत में करंट प्रवाहित कर जंगली सूअर का शिकार किए जाने की बात सामने आई है।
वन्यजीवों का करंट लगाकर शिकार करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह मानव जीवन के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कई मामलों में खेतों या जंगलों में बिछाए गए विद्युत जाल की चपेट में आकर लोगों और वनकर्मियों की जान तक जा चुकी है। न्यायालयों ने भी ऐसे अवैध विद्युत जाल को वन्यजीवों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा माना है।
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध शिकार वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ा खतरा है और इससे जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है।
वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्र छुईखदान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शीर्षक सुझाव :
करंट का जाल बना मौत का खेल, जंगली सूअर के शिकार में चार गिरफ्तार
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : विद्युत करंट से शिकार करने वाले शिकारी दबोचे गए
जंगली जीवों पर कहर, इंसानी जान पर भी खतरा – करंट से शिकार का भंडाफोड़
खेत में बिछाया मौत का करंट, वन विभाग ने पकड़े चार आरोपी
अवैध शिकार पर वन विभाग का शिकंजा, करंट लगाकर जंगली सूअर मारने वाले गिरफ्तार।।
