गाथा महाराणा प्रताप की का लोकार्पण

रचनाकारों ने अपनी कविताओं से समां बांधा

राजनांदगांव 28 मई । संस्कार काव्य गोष्ठी छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में भिलाई निवास इंडियन काफी हाउस सभागार में ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल लिखित काव्य संकलन गाथा महाराणा प्रताप की का लोकार्पण एवं वितरण समारोह का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृत के विद्वान आचार्य डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा थे । अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती वर्षा ठाकुर ने की । विशिष्ट अतिथि दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष बलदाऊ राम साहू, समाजसेवी एवं उद्योगपति कैलाश चंद्र बरमेचा, प्रगतिशील जन विचारधारा की साहित्यिक संस्था आरंभ के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ आसपास के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य तथा राजपूत क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर थे । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं महाराणा प्रताप जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ । अतिथियों के स्वागत के उपरांत ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल की द्वितीय काव्यकृति गाथा महाराणा प्रताप की का लोकार्पण किया गया । स्वागत उद्बोधन देते हुए श्री भुवाल ने बताया कि उनके इस काव्य संकलन का प्रकाशन महाराणा मेवाड़ हिस्टोरिकल पब्लिकेशन ट्रस्ट उदयपुर (राजस्थान) ने किया है । उन्होंने अपनी कृति में महाराणा प्रताप जी के जीवन और मेवाड़ राजवंश के गौरवशाली इतिहास को काव्य रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है । इस संकलन में एक आरती, दो कविता, एक रोला, 12 मुक्तक, 16 कुंडलिया और 217 दोहे शामिल है । समारोह के मुख्य अतिथि डॉ महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सपूत दशरथ सिंह भूवाल ने गाथा महाराणा प्रताप की का हिंदी में काव्य सृजन कर मेवाड़ राजवंश की शौर्य, बलिदान वह त्याग से भरे विविध प्रसंगों को कम शब्दों में अपनी कविताओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर छत्तीसगढ़ की माटी को गौरवान्वित किया है । कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रचनाकार के काव्य संकलन का प्रकाशन मेवाड़ हिस्टोरिकल पब्लिकेशन ट्रस्ट उदयपुर (राजस्थान) द्वारा किया जाना गर्व की बात है । स्वाधीनता एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप जी के संघर्ष और जीवन पर आधारित गाथा महाराणा प्रताप की काव्य संकलन विविधता लिए सरस रचनाओं का गुच्छ है जो पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा । इस अवसर पर पवन सिंह राजपूत ने श्री भुवाल को काव्यमय अभिनंदन पत्र भेंट किया । कार्यक्रम का सरस एवं प्रभावी संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं तुलसी साहित्य अकादमी राजनांदगांव के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह एवं आभार प्रदर्शन दशरथ सिंह भुवाल ने किया ।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आरंभ की महासचिव व शायरा नूरूसबाह खान सबा के संचालन में उपस्थित रचनाकारों द्वारा काव्य पाठ किया गया । काव्य पाठ करने वाले रचनाकारों में डॉक्टर श्रीमती नीता ठाकुर, पवन सिंह राजपूत, राधेश्याम सिंह, श्रीमती शीतल बैस , शत्रुंजय तिवारी एवं गजेंद्र द्विवेदी शामिल थे । इस अवसर पर बृजेश मलिक, पल्लव चटर्जी, दीप्ति श्रीवास्तव, नितिन गोस्वामी , डॉक्टर भावना दिवाकर, नौशाद सिद्दीकी, सिद्धार्थ सिंह भुवाल, रोहिताश सिंह, क्षत्रपाल सिंह, सौरभ सिंह, श्रीमती रमा ठाकुर, श्रीमती प्रीति राजपूत, ओम प्रकाश सिंह, ओंकार सिंह, अनिल सिंह, दीपक राजपूत एवं श्रीमती शशि ठाकुर उपस्थित थे कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती दुर्गा भुवाल, श्रीमती वसुंधरा लोकेश सिंह ठाकुर, श्रीमती आकृति मनीष सिंह ठाकुर और श्रीमती प्राची गौरव सिंह क्षत्रिय ने महत्वपूर्ण योगदान दिया ।

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