
राजनांदगांव :- २० सितम्बर छत्तीसगढ़ के संस्कारधानी राजनांदगांव जिले की महिला सशक्तिकरण संघ पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी संयुक्त रूप से अनागारिक – धम्मपाल जयंती समारोह उल्लास के साथ राजनांदगांव के ह्दय स्थल धम्मकीर्ति बौद्ध विहार बसंतपुर में मनाई हैं। जिसमें सर्वप्रथम भारत की धरमी में जन्मे संत महापुरूषों के छायाचित्र पर माल्यार्पंण कर दीप प्रज्जवलन त्रिशरण पंचशील से कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया।
१७ सितम्बर १८६४ को श्रीलंका में जन्मे महान सपूत अनागारिक धम्मपाल भारत के जीर्ण शीर्ण बौद्ध तीर्थो का जीर्णोद्धार किया था। उन्होंने ही सिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भारत की ओर से विश्व के बौद्धों का प्रतिनिधित्व किया था। स्मरण रहे इसी सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद जी को अनागारिक धम्मपाल जी ने अपने मिले हुए समय में से पाँच मिनट का समय देकर स्वामी जी के भाषण पूर्ण करने में मदद की । आश्चर्य का विषय यह भी है कि दोनो वेशभूषा को देखकर अमेरिका वासी दंग रहे गए थे। ऐसे महापुरूष की १७१ वीं जयंती मनाई गई। ईवी रामस्वामी पेेरियार को भी याद किया उन्होंने सच्ची रामायण और महिलाओं को गुलाम क्यों बनाये जैसे पुस्तकों की रचना की। जाति विहीन, वैज्ञानिक चेतना के लिए कार्य, शोषण के परे समाज के निर्माण के लिए इस बहुमुखी प्रतिभा के धनी योद्धा को याद किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवी कन्हैयालाल खोब्रागढ़े जी ने अपने उद्बोधन में अनागारिक धम्मपाल के बौद्ध धर्म के एवं समाज के प्रति किए गए कार्यो को बताया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण संघ के सदस्य एवं धम्मकीर्ति बौद्ध विहार बसंतपुर के उपासक एवं उपासिका सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन महिला सशक्तिकरण संघ की अध्यक्ष बुद्धिमित्रा वासनिक ने किया। कार्यक्रम का आभार माया खोब्रागढ़े द्वारा किया गया। महाबोधि-महाविहार, बोधगया मुक्ति आंदोलन एवं बी.टी.एक्ट १९४९ रद्द करने के लिए हजारों की संख्या में हस्ताक्षर कर महाबोधि-महाविहार आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई। एवं हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम में देवीनंदा मेश्राम प्रदेशउपाध्यक्ष, माया वासनिक प्रदेशसचिव, लक्ष्मा गजभिए अध्यक्ष बसंतपुर, हर्षिका गजभिए उपाध्यक्षजिला,वंदिता गजभिए,शारदा मेश्राम सभी ने बारी-बारी अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में निर्मला वासनिक, मीना श्रीरंगे, सरला नोन्हारे, वंदना बोरकर, सुनीता बारसे,राजेश्वरी मेश्राम, सुरेखा सहारे, उषा बंसोड़, किरण रामटेके, मैनाबती नोन्हारे, भानुमति रामटेके, शांति चौहान, संगीता श्रीरंगे, डिलेश्वरी रामटेके,लखन लाल गजभिए आदि उपस्थित थे।
