दानेश्वर दास जी महाराज बने प्रदेश प्रवक्ता एवं सदस्यता अभियान प्रभारी – अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ का बड़ा निर्णय

डॉ. सौरव निर्वाणी की अनुशंसा व राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकुमार बाला दास की सहमति से नवागढ़ रामजानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने की घोषणा

अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश में सक्रिय रूप से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं पुजारी-पंडित समाज के संगठनात्मक विस्तार हेतु दानेश्वर दास जी महाराज को प्रदेश प्रवक्ता के साथ-साथ सदस्यता अभियान प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति, संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. सौरव निर्वाणी की अनुशंसा तथा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाला आवा मंदिर के प्रतिष्ठित पुजारी देवकुमार बाला दास की सहमति से नवागढ़ रामजानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास जी महाराज द्वारा संपन्न की गई।

छत्तीसगढ़, प्राचीनकाल से ही मठ-मंदिरों, पुरोहितों और सनातन परंपराओं की भूमि रही है। यहाँ के पुजारी-पंडित समाज की संगठित शक्ति ही धर्म की रक्षा, संस्कृति का संरक्षण और समाज का मार्गदर्शन करती रही है। आज जब सनातन मूल्यों और मठ-मंदिरों की स्वायत्तता पर प्रश्न उठ रहे हैं, तब अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ ने छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान चलाने का संकल्प लिया है।

दानेश्वर दास जी महाराज, अपनी वाणी की प्रखरता, धर्म के प्रति समर्पण और संगठनात्मक क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके प्रवक्ता और सदस्यता अभियान प्रभारी बनने से छत्तीसगढ़ में संघ की शक्ति में निश्चित रूप से अत्यधिक वृद्धि होगी।

धर्म स्तंभ काउंसिल के डॉ सौरव निर्वाणी ने बताया की मंदिर और मठ केवल उपासना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह सनातन संस्कृति की जड़ और जीवनदायिनी धारा हैं।

पुजारी एवं पुरोहित समाज को सम्मान और उचित मानदेय दिलाना संघ का मूल उद्देश्य है।

समाज में धर्मगुरुओं और पुरोहितों की भूमिका केवल अनुष्ठान कराने तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक मार्गदर्शन तक विस्तृत है,

,संगठन का सदस्यता अभियान इस बात का प्रतीक है कि अब पुजारी-पंडित समाज एकजुट होकर अपनी परंपराओं, अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा करेगा।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महंत सुरेंद्र दास ने कहा कि—

“छत्तीसगढ़ में प्रत्येक मंदिर, प्रत्येक पुजारी और प्रत्येक धर्मसेवक इस सदस्यता अभियान से जुड़कर संघ की शक्ति को अपार बनाए। यह अभियान केवल संगठन की मजबूती नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा और मठ-मंदिरों की स्वायत्तता के संकल्प का प्रतीक है।”

राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकुमार बाला दास जी ने दानेश्वर दास महाराज को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि—

“संघ की यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और आने वाले समय में पुजारी समाज को नई दिशा प्रदान करेगी।”

भगवताचार्य दानेश्वर महाराज की नियुक्ति पर जमात मंदिर के महंत बसंत दास,योगीदीप समिति के अध्यक्ष रितेश शर्मा,डॉ रविंद्र द्विवेदी,कथाचार्य हेमंत वैष्णव, बेमेतरा कृष्ण मंदिर के महंत गणेश्वर दास,श्वेतगंगा के महंत राधेश्याम दास,

पिपरिया के महंत श्याम दास और संरक्षक नागा महंत हरिशंकर दास ने भी

अपनी शुभकामनाएं दीं है…

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