शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलईरवार में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य महोदय श्री अशीम कुमार यदु एवं समस्त स्टॉफ गणों के द्वारा मां सरस्वती की तैल चित्र पर पूजा अर्चना कर आरंभ किया गया । इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए विभिन्न कविता, गीत ,भाषण का आयोजन किया गया। इस प्रस्तुति में कु. आरती, कु. रीना, कु. देवकी, कु. संध्या ,कु. वैष्णवी ,कु. तेजस्विनी, पीयूष कुमार एवं कुनाल दास बंजारे के द्वारा दिया गया । सरस्वती वंदना कु. वैशाली एवं कु. देवकी के द्वारा प्रस्तुत की गई । कार्यक्रम प्रभारी थंगेश्वर कुमार साहू व्याख्याता ने बताया कि गुरु हमें अज्ञान के अंधकार से बाहर निकाल कर ज्ञान का प्रकाश देते हैं , वह हमें सही आदर्शो का पालन करना सिखाते हैं । श्रीमती अनुराधा ढोक ने बताया कि गुरु के मार्गदर्शन से हम अपने जीवन में बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं । श्रीमती सरोज भुआर्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान अत्यंत उच्च और पूजनीय माना गया है । नोहर दास लिलहारे सर ने बताया कि गुरु का सम्मान करना और उनकी बातों का पालन करना हर शिष्य का कर्तव्य है। प्राचार्य महोदय श्री अशीम कुमार यदु जी ने बताया कि गुरु ईश्वर द्वारा प्रकाशित प्रमुख व्यक्तित्व है जो ज्ञान और दिव्यता के स्रोत की तरह कार्य करता है । इस भव्य पावन अवसर पर संस्था के प्राचार्य महोदय श्री अशीम कुमार यदु, श्रीमती अनुराधा ढोक, श्रीमती रेखा मुरकुटे, श्रीमती सरोज भुआर्य, थंगेश्वर कुमार साहू, जानकी वल्लभ तंबोली, राजेश कुमार नेताम, जितेंद्र कुमार कश्यप, नोहर दास लिलहारे, पालक राम वर्मा, हरिचंद यादव, अशीष मसीह उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम का संचालन थंगेश्वर कुमार साहू जी व्याख्याता के द्वारा किया गया एवं यह कार्यक्रम प्राचार्य महोदय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ ।
