गुरु पूर्णिमा पर्व कवि शिष्यों ने साहित्यिक गुरु कोशा का किया सम्मान

लोक कलाकारों ने भी कोशा जी का लिया आशीर्वाद ग्रहण

 

राजनांदगांव / गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु- शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए अंचल के कवि शिष्यों द्वारा अपने साहित्यिक गुरु आत्माराम कोशा “अमात्य” का भाव पूर्ण सम्मान किया गया।

बता दें कि हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री कोशा के निकटस्थ कवि/ व लोक कलाकारो द्वारा उनके निवास स्थान पर जा कर उनका भाव पूर्ण सम्मान किया जाता है।

कथाकार/कवि मानसिंह मौलिक ने बताया कि गुरुवार के दिन गुरु पूर्णिमा पर्व पर अंचल के कवि मित्रों सहित लोक कलाकारों ने जिले के पुरनिया लोक कलाकार व छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग (छ०ग० शासन) के जिला समन्वयक, वरिष्ठ कवि/ साहित्यकार आत्माराम कोशा “अमात्य” जी का शाल ओढ़ाकर कर तथा श्री फल व मिष्ठान प्रदान कर सम्मान किया और उनसे आशीर्वाद ग्रहण की।

सतत् कलम चलाते रहने की दी प्रेरणा

इस अवसर पर श्री कोशा ने अपने कवि शिष्यों को अपने अंचल की लोक संस्कृति, बोली भाखा, रीति- रिवाज की अष्क्षूणता बनाए रखने व देश समाज के रचनात्मक कार्यों पर सतत कलम चलाते रहने की प्रेरणा देते हुए विसंगतियों के खिलाफ अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से स्वर बुलंद करते रहने की बात कही। छत्तीसगढ़ साहित्य समिति के सचिव श्री मौलिक ने बताया कि कोशा जी इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित यज्ञ- हवन‌ कार्यक्रम में उपस्थित थे। शिष्यो ने उन्हें खोजते हुए गायत्री शक्तिपीठ के वरिष्ठ जयंती भाई पटेल आदि की उपस्थिति में अपने साहित्यिक गुरु श्री कोशा का आत्मीय सम्मान किया। इस अवसर कवि/ आनंद राम सार्वा, कथाकर / कवि मानसिंह मौलिक, पवन यादव “पहुना”, शैलैश गुप्ता, गायक एवं तबला वादक वासुदेव हिरवानी, आर्गन वादक गोपाल साहू, डॉ ० दुलेश्वर, लेखेद्र साहू कोशा जी की धर्म पत्नी श्रीमती अंजनी कोशा, श्रीमती जयंती साहू शक्तिपीठ के व्यवस्थापक भाई ओमप्रकाश व अन्य जन उपस्थित थे।

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