


कुमरदा (राजनांदगांव): कुमरदा ब्लॉक के बंसी बंजारी गांव में रेत का अवैध उत्खनन खुलेआम किया जा रहा है। यह खनन बिना रॉयल्टी पर्ची और कानूनी दस्तावेजों के हो रहा है, जिससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है।
गांव के आसपास के लोग बताते हैं कि रात के अंधेरे में रेत से भरे ट्रक निकलते हैं, और इन ट्रकों की आवाजाही से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। रेत माफिया का यह गिरोह स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में अवैध खनन कर रहा है। न तो खनन के लिए कोई वैध दस्तावेज दिखाए जाते हैं, न ही प्रशासन की ओर से कोई जांच की जाती है। इससे यह साफ है कि स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह अवैध काम संभव नहीं हो सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के अवैध खनन से नदियों और जलाशयों का स्तर घट सकता है, जिससे भविष्य में पानी की गंभीर समस्या हो सकती है। इस पर जल, वन और पर्यावरण मंत्रालय को कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अवैध उत्खनन की यह कड़ी तोड़ी जा सके और ग्रामीणों का जीवन सुरक्षित किया जा सके?
