राजनांदगांव जिले में राज्य स्तरीय षांति मषाल यात्रा 24 अगस्त को।

आ रहे है महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के पे्ररणेता ….. डाॅ. आकाष लामा जी।

पूज्य भदंत धम्मतप जी के मार्गदर्षन में महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन हेतु राज्य स्तरीय षांति मषाल यात्रा।

राजनांदगांव। पूज्य भदंत धम्मतप जी राश्ट्रीय सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी आॅल इंडिया बुद्धिश्ट फोरम भारत ने कहा कि संस्कारधानी राजनांदगांव में महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के तृतीय चरण के पे्ररणेता डाॅ. आकाष लामा जी महासचिव आॅल इंडिया बुद्धिश्ट फोरम भारत एवं तमाम राश्ट्रीय कार्यकारिणी तथा छत्तीसगढ़वासियों की उपस्थिति में दिनांक 24 अगस्त 2025, समय सुबह 10 बजे से संध्या 6 बजे तक षांति मषाल यात्रा एवं भव्य सभा का आयोजन कलेक्टर परिसर के सामने ओबर ब्रिज के नीचे राजनांदगांव (छ.ग.) में किया जा रहा है।
देष की आजादी के 79 साल बाद भी भारत देष में एक विवाद छिड़ गई है संसद सर्वपरी है कि संविधान इस बीच पूज्य भदंत धम्मतप जी इस देष में 79 साल बाद भी भारत देष में संविधान लागु नहीं होने की बात कहते हुए बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 (बी.टी. एक्ट) चलते रहना दुर्भाग्य पूर्ण कानुन बताते हुए उन्होंने कहा कि बौद्धों को महाबोधि महाविहार के प्रबंधन से पूर्णतः वंचित रखा गया।
भारतीय संविधान 1950 में लागु हुआ है, बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 (बी.टी. एक्ट) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13, 25, 26 व 29 का उल्लंघन करता है। अनुच्छेद 13 के अनुसार 26 जनवरी 1950 से पहले सभी कानुन, अधिनियम को निरस्त करने का प्रावधान है। देष की आजादी के 79 साल बाद भी यह बी.टी. एक्ट 1949 का चलते रहना संविधान की अवमानना है एवं बौद्धों के साथ अन्याय पूर्ण कानुनी है जिसके विरूद्ध बोधगया में 76 सालों से आंदोलन चल रहा है एवं महाबोधि महाविहार का पूर्ण प्रबंधन बौद्धों को मिलना चाहिए इसलिए 134 सालों से आंदोलन चल रहा है। इसी तारतम्य में बी.टी. एक्ट 1949 निरस्त किया जाये एवं महाबोधि महाविहार का पूर्ण प्रबंधन बौद्धों सौपा जाये इस उद्देष्य को लेकर आॅल इंडिया बुद्धिश्ट फोरम छत्तीसगढ़ के माध्यम से महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन हेतु संस्कारधानी राजनांदगांव में 1 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक कलेक्टर कार्यालय के सामने ओवर ब्रिज के नीचे राजनांदगांव षांति पूर्ण धरना प्रदर्षन किया गया। पूज्य भदंत धम्मतप जी आगे कहते है हमारी मांगों को लेकर ना ही केन्द्र सरकार ने गंभीरता दिखाया है, ना ही बिहार के राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाया है हम एक माह का धरना प्रदर्षन करने के पष्चात भी छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने हमारी किसी प्रकार की सुध नहीं ली है। मांगों को लेकर महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के तृतीय चरण के पे्ररणेता डाॅ. आकाष लामा जी के नेतृत्व में संपूर्ण भारत में मषाल यात्रा निकाली जा रही है इसी तारत्म्य में छत्तीसगढ़ राज्य में पूज्य भदंत धम्मतप जी के माध्यम से संस्कारधानी राजनांदगांव में राज्य स्तरीय षांति मषाल यात्रा निकाली जा रही है जो संपूर्ण छत्तीसगढ़ भ्रमण करेगी एवं महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन हेतु जनजागृति फैलायेगी।

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