डोंगरगढ़ ब्लॉक में बिना रॉयल्टी पर्ची मुरूम निकालने के आरोप, आखिर खनिज विभाग कब करेगा कार्रवाई?
राजनांदगांव के डोंगरगढ़ ब्लॉक में ग्राम पंचायत 
शिवपुरी में मुरूम उत्खनन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। आरोप है कि यहां बिना रॉयल्टी पर्ची के रोजाना मुरूम निकाला जा रहा है। जमीन को करीब सात फीट गहराई तक खोदकर मुरूम निकाले जाने की बात सामने आई है। लगातार हो रही खुदाई को लेकर अब संबंधित विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
सात फीट गहरे गड्ढे, रोजाना मुरूम की खुदाई!
ग्राम शिवपुरी में जमीन को करीब सात फीट तक खोदकर मुरूम निकालने के आरोप गंभीर हैं। सवाल यह है कि आखिर यह उत्खनन किसकी अनुमति से किया जा रहा है? क्या संबंधित लोगों के पास वैध अनुमति और रॉयल्टी से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं? यदि बिना आवश्यक दस्तावेजों के मुरूम निकाला जा रहा है, तो यह जांच का विषय है।
रॉयल्टी पर्ची नहीं तो मुरूम का हिसाब कौन देगा?
खनिज उत्खनन में नियमों का पालन और रॉयल्टी संबंधी प्रावधानों का अनुपालन जरूरी है। ऐसे में खनिज विभाग को मौके पर पहुंचकर उत्खनन की अनुमति, रॉयल्टी पर्ची और मुरूम के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी?
ग्राम शिवपुरी में रोजाना मुरूम निकाले जाने के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेगा। क्या अधिकारियों को इस उत्खनन की जानकारी है? क्या मौके का निरीक्षण किया गया है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
अब देखना यह है कि खनिज विभाग शिवपुरी पहुंचकर जांच करता है या नहीं। सात फीट गहरे गड्ढों और बिना रॉयल्टी पर्ची उत्खनन के आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।?
