राजनांदगांव :- बल्देबाग पर स्थित वैष्णव भवन में महंत राजा बलरामदास जी की २५ अगस्त पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष मेघदास वैष्णव अपने नाती धर्मेन्द्र वैष्णव के साथ, पूजा अर्चना, मलार्यपण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए छ.मु.मो. के उपाध्यक्ष मेघदास वैष्णव ने एक विज्ञप्ति में बताया कि महंत राजा बलरामदास की योगदान से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार एवं रेल सुविधाएँ की व्यवस्था कर राजनांदगांव संस्कारधानी का नाम देश-प्रदेश में पहचान दिये। महंत राजा बलरामदास जी ने क्षेत्र की जनता की रोजगार के लिये अपनी जमीन को दान में देकर राजनांदगांव बी.एन.सी मिल उद्योग संचालित कर आस-पास के हजारों-हजारों महिला पुरूष श्रमिकों को रोजगार प्रदान किये थे जिससे राजनांदगांव के छोटे-बड़े व्यापारी के व्यवसाय से अर्थव्यवस्था में सुधार हुए थे। लेकिन केन्द्र एवं राज्य की सरकार की गलत नीति से वर्ष २००२ से उत्पादन से कीर्तिमान उद्योग को बन्द कर हजारों मजदूरों को रोजी रोटी से वंचित कर दिया। तथा संस्कारधानी जनता के साथ विश्वासघात किया। श्री वैष्ण्व ने राजा बलरामदास के नाम से राजगामी सम्पदा के भूमि में बने शासकीय भवनों तस्वीर एवं तथा चौक-चौराहों मेेंनामकरण एवं मूर्ति स्थापित तथा मंदिर मठ की देखभाल तथा राजगामी सम्पदा में वैष्णव समाज के अध्यक्ष बनाने तथा राजनांदगांव में बी.एन.सी मिल के विकल्प में नया उद्योग स्थापित कर हजारों-हजारों शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार की अवसर प्रदान हो तथा राजनांदगांव की अर्थव्यवस्था की सुधार के लिये राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की मांग की है।
