सीएमएचओ डॉ. अनिल शुक्ला की पहल से लंबित कार्रवाई को मिली गति, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता सहित कई अनियमितताएं उजागर, सीएमएचओ बोले—आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
साल्हेवारा। साल्हेवारा में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की। केंद्र की जांच में अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता सहित कई अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। साल्हेवारा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में नियमों के पालन को लेकर प्रशासन की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सीएमएचओ डॉ. अनिल शुक्ला की पहल से कार्रवाई को मिली गति
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने साल्हेवारा संवाददाता को व्हाट्सऐप के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर से संबंधित यह मामला काफी समय से लंबित था। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर से आवश्यक आदेश पर हस्ताक्षर कराने के लिए पहल की तथा 14 अक्टूबर को कार्रवाई की तारीख भी अंतिम रूप से निर्धारित की।
साल्हेवारा संवाददाता द्वारा इस संबंध में सीएमएचओ से फोन पर संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया। फोन पर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाने के बाद व्हाट्सऐप के माध्यम से उनसे मामले की पृष्ठभूमि, कार्रवाई की प्रक्रिया और आगे की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में नियमों के उल्लंघन के मामलों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आगामी सप्ताह में संबंधित टीम के पुनर्गठन की योजना की भी जानकारी दी।
शिकायत के बाद हुई थी जांच, नोटिस भी जारी किया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, साल्हेवारा के संबंध में पूर्व में प्राप्त शिकायत के आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं उनकी टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सोनोग्राफी केंद्र के संचालन में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के पालन में कई कमियां पाई गई थीं। इसके बाद केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।
जांच में पाया गया कि केंद्र पर कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित प्रपत्रों को नियमानुसार नहीं भरा जा रहा था। सोनोग्राफी रिपोर्टिंग से संबंधित दस्तावेजों में ऐसे प्रारूप भी मिले, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से अंकित थे। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
जिला सलाहकार समिति के निर्णय के बाद सीलबंदी
केंद्र संचालक द्वारा नोटिस के संबंध में प्रस्तुत जवाब को जिला सलाहकार समिति की बैठक में विचारार्थ रखा गया। बैठक में जांच प्रतिवेदन, सामने आई अनियमितताओं और संचालक के जवाब पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद समिति ने सर्वसम्मति से संबंधित सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद करने का निर्णय लिया।
समिति के निर्णय के आधार पर कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने उच्चस्तरीय संयुक्त जांच एवं कार्रवाई दल गठित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में 14 अक्टूबर को संयुक्त टीम बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, साल्हेवारा पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया।
कार्रवाई के दौरान ये अधिकारी रहे उपस्थित
संयुक्त कार्रवाई दल में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती पूजा पिंचा, पीसीपीएनडीटी के अधिकृत समुचित प्राधिकारी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन एवं संबंधित लिपिक श्री अर्पित गुप्ता उपस्थित रहे।
आगामी सप्ताह में टीम के पुनर्गठन की तैयारी, आगे भी होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत में बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए आगामी सप्ताह में टीम के पुनर्गठन की योजना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र की सीलबंदी से यह संदेश गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित कानूनी प्रावधानों की अनदेखी को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि जिले में अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की जांच एवं निगरानी के दौरान क्या कदम उठाए जाते हैं।
