स्व. गोविंद लाल अग्रवाल की पुण्य स्मृति में जनसेवा का अनुपम उदाहरण
साल्हेवारा। सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा के प्रतिष्ठित वरिष्ठ व्यापारी स्वर्गीय श्री गोविंद लाल अग्रवाल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र श्री संदीप अग्रवाल एवं पौत्र श्री आभास अग्रवाल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साल्हेवारा को 2 ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किए गए।
यह सराहनीय योगदान केवल एक दान नहीं, बल्कि स्वर्गीय श्री गोविंद लाल अग्रवाल के मानवीय मूल्यों, समाजसेवा एवं जनकल्याण की भावना को जीवंत रखने का एक अनुकरणीय प्रयास है। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किया गया यह सहयोग क्षेत्र के नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
आज जब स्वास्थ्य सेवाओं को जनसहयोग की आवश्यकता है, ऐसे समय में अग्रवाल परिवार की यह पहल समाज और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह संदेश देती है कि सामुदायिक विकास केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का भी दायित्व है।
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साल्हेवारा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश वर्मा ने अग्रवाल परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में समाज की सहभागिता सकारात्मक सामाजिक चेतना का प्रतीक है। ऐसे सहयोग से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलती है, बल्कि समाज में सेवा, परोपकार एवं मानवीय संवेदनाओं का विस्तार भी होता है।
जिला स्वास्थ्य समिति, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने भी श्री संदीप अग्रवाल एवं श्री आभास अग्रवाल के इस सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। समिति ने विश्वास जताया कि समाज एवं स्वास्थ्य संस्थानों के मध्य ऐसा सकारात्मक सहयोग भविष्य में भी जनकल्याण के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।
स्वर्गीय श्री गोविंद लाल अग्रवाल की पुण्य स्मृति में किया गया यह कार्य निस्संदेह इस बात का प्रमाण है कि किसी व्यक्ति की महानता केवल उसके जीवनकाल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसके संस्कार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
“सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो किसी के जीवन मूल्यों को जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाए। सामुदायिक सहभागिता स्वस्थ, संवेदनशील और सशक्त समाज के निर्माण की आधारशिला है।”
