शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने कहा की भारत आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में विश्व पटल पर एक सशक्त और निर्णायक भूमिका निभा रहा है। India AI Impact Expo 2026 केवल एक प्रदर्शनी या तकनीकी आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और डिजिटल रूप से सशक्त भारत के संकल्प का जीवंत प्रतीक है।
इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्देश्य AI तकनीक के माध्यम से शासन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्टार्टअप इकोसिस्टम में परिवर्तन लाना है। जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य की दिशा तलाश रही है, तब भारत समाधान, सहयोग और नवाचार का नेतृत्व करते हुए वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
Expo में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संस्थापकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों ने भाग लेकर AI के विविध आयामों पर मंथन किया। स्वास्थ्य सेवाओं में AI आधारित निदान, कृषि में स्मार्ट एनालिटिक्स, शिक्षा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग और सुशासन में डेटा-ड्रिवन निर्णय प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” और “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत आज केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का निर्माता बनकर उभर रहा है।
India AI Impact Expo 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत AI के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक सहयोग का केंद्र भी बनेगा। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम और अनुसंधान को बढ़ावा देने की योजनाएं इस दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
भविष्य की तकनीक, भारत का नेतृत्व – यही है नए भारत की ताकत।
AI क्रांति में भारत की यह अग्रणी भूमिका देश के युवाओं, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के परिश्रम और दूरदृष्टि का परिणाम है।
India AI Impact Expo 2026 ने यह संदेश दिया है कि 21वीं सदी की तकनीकी दौड़ में भारत केवल सहभागी नहीं, बल्कि पथप्रदर्शक बनने के लिए तैयार है।
