डोंगरगांव में रविवार को जुटेंगे अंचल के लोक कला धर्मी एवं कवि / साहित्यकार
राजनांदगांव / छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति का पुनर्गठन होने पश्चात पहला दीपावली मिलन कार्यक्रम 16 नवंबर रविवार को शपथ ग्रहण समारोह एवं साहित्यिक आयोजन के साथ मनाया जा रहा है।
डोंगरगांव के स्वामी आत्मानंद स्कूल भवन में आयोजित उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिले के लोकप्रिय सांसद संतोष पाण्डे जी है। छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रंगकर्म और साहित्य पर आधारित परिचर्चा भी आयोजित है जिसके मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के साचिव अभिलाषा बेहार जी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डोंगरगांव नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी द्वारा की जाएगी वहीं विशिष्ट अतिथि के रुप में चंदैनी-गोंदा के संस्थापक दाऊ रामचंद्र देशमुख के सुपौत्र व उत्तराधिकारी डा० तरुण नायक उपस्थित रहेंगे। विशेष अतिथियो में श्रीमती संध्या साहू पूर्व न० पा० अध्यक्ष डोंगरगांव व डॉ नरेंद्र साहू कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डोंगरगांव चंदैनी-गोंदा के गायक व सुप्रसिद्ध कवि लक्ष्मण मस्तुरिहा राज्य अलंकरण प्राप्त कलाकार राकेश तिवारी जी ,रंगकर्मी विजय मिश्रा “अमित”, लायंस क्लब राजनांदगांव सिटी के अध्यक्ष अमित खंडेलवाल,वहीं विशेष अतिथि के रुप में डा० प्रियंक ठाकुर ( स्व० विद्याभूषण ठाकुर मेमोरियल हास्पीटल- डोंगरगांव) कान्हा कौशिक प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति- रायपुर व राजेश गुप्ता अग्रहरि ( जिला भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी) है।
साहित्यिक परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन
साहित्य समिति के उपाध्यक्ष सुषमा शुक्ला अंशुमन, व थंगेश्वर कुमार साहू ने बताया कि इस अवसर पर परिचर्चा व कवि सम्मेलन भी आयोजित की गई है जिसकी अध्यक्षता- कवि पवन जैन “प्रेमी” (डोंगरगांव) व कवि शशिकांत द्विवेदी (डोंगरगढ़) द्वारा की जाएगी। विषय प्रवर्तन व संचालन गजेंद्र हरिहारणो “दीप ” का है। परिचर्चा के मुख्य वक्ता डॉ संतराम देशमुख “विमल” (दुर्ग) डॉ शंकर मुनि राय , कुबेर साहू, सियाराम साहू (केसीजी) महेंद्र बघेल “मधु” (डोंगरगांव) ओमप्रकाश साहू “अंकुर”(सुरगी -राजनांदगाव) है।आधार व्यक्तव्य
साहित्य समिति के सचिव मानसिंह “मौलिक” का होगा।
कवि सम्मेलन का संचालन विरेंद्र तिवारी “वीरु” अर्जुनी द्वारा की जाएगी। समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद मिश्रा ने अंचल के सभी कवि/साहित्य कारो एवं कला साधकों को दीपावली मिलन व सह-साहित्यिक आयोजन में अधिकाधिक रुप में उपस्थिति की अपील की है।
